शनिवार, 10 दिसंबर 2016

शिक्षा

शिक्षा ,आप क्या सिखा रहे हैं?

यह सोचने का विषय हैं । हमें स्थिर भी रहना हैं। 

 आप क्या सीख रहे हैं ? 
शिक्षा, नागरिक जीवन तैयार करती हैं। 
नागरिक जीवन ही जीवन है, तो फिर मुश्किले बढना हैं। 
जीवन सिखाया नहीं जा सकता हैं। जीवन तो जीया जाता हैं।
 जीवन तो कला , अनुभव , ज्ञान,उत्सव,आनंद,मुक्त, स्वतंत्र हैं।
दौड़ ,संघर्ष, प्रतिस्पर्धा, शिक्षा है,तो यह चिंता का विषय हैं।हम हमारे चक्रव्यूह में स्वयं फंसते जाते है और
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